February 9, 2026

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पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना: सुरक्षित, सुगम और भविष्य-उन्मुख कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम

एनएच-07 कॉरिडोर से देहरादून को यातायात जाम से राहत, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी; उत्तराखंड–हिमाचल के बीच सुदृढ़ संपर्क

पांवटा साहिब–देहरादून कॉरिडोर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री, औद्योगिक तथा वाणिज्यिक वाहन आवागमन करते हैं। वर्तमान में देहरादून राजधानी तथा पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर कॉरिडोर से जुड़े पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी यातायात दबाव देखा जा रहा है, जिसके चलते यात्रा समय बढ़ने, ईंधन की अधिक खपत और यातायात अव्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।

बढ़ते यातायात दबाव, सीमित सड़क चौड़ाई, रिबन डेवलपमेंट और तीव्र शहरी विस्तार के कारण यह मार्ग लंबे समय से जाम और सड़क सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारत (एनएचएआई) द्वारा पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना (एनएच-07) को स्वीकृति प्रदान की गई।

परियोजना का संक्षिप्त विवरण

एनएच-07 के अंतर्गत पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर परियोजना में कुल 44.800 किलोमीटर लंबे खंड का उन्नयन एवं चार-लेनीकरण किया जा रहा है। यह मार्ग पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) से प्रारंभ होकर बल्‍लूपुर चौक, देहरादून (उत्तराखंड) तक विस्तारित है। यह दैनिक यात्रियों, औद्योगिक-वाणिज्यिक यातायात और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ चारधाम यात्रा के प्रथम धाम यमुनोत्री तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करता है।

मौजूदा सड़क की कुल लंबाई लगभग 52 किलोमीटर (किमी 97.00 से किमी 148.80) है। प्रस्तावित चार-लेन परियोजना के तहत लगभग 25 किलोमीटर ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित किया गया है, जो पांवटा साहिब, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई और सुधोवाला जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों को बायपास करता है। इससे मार्ग की लंबाई में लगभग 7 किलोमीटर की कमी आई है, जिससे यात्रा समय और ईंधन खपत में उल्लेखनीय बचत होगी तथा सड़क उपयोगकर्ताओं को अधिक सुरक्षित और सुगम अनुभव मिलेगा।

दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से एकीकरण

यातायात जाम की समस्या के समाधान हेतु एनएचएआई द्वारा इस कॉरिडोर के उन्नयन के साथ-साथ एक ग्रीनफील्ड हाईवे का विकास किया जा रहा है, जो दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर का विस्तार होगा। इस एकीकरण से देहरादून शहर में प्रवेश करने वाले थ्रू-ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे शहर को यातायात जाम से बड़ी राहत प्राप्त होगी।

परियोजना विभाजन एवं लागत

परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (HAM) के तहत दो पैकेजों में क्रियान्वित किया जा रहा है—

पैकेज-I: पांवटा साहिब से मेदनीपुर (18.700 किमी)

लागत ₹553.21 करोड़। इसके अंतर्गत 1,175 मीटर लंबा चार-लेन यमुना नदी पुल निर्मित किया गया है, जो एक प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धि है।

पैकेज-II: मेदनीपुर से बल्‍लूपुर, देहरादून (26.100 किमी)

लागत ₹1,093 करोड़। इसमें अनेक अंडरपास, सर्विस रोड और शहरी बायपास खंड शामिल हैं, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात सुचारु रहेगा।

परियोजना की कुल लागत ₹1,646.21 करोड़ है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और यूटिलिटी शिफ्टिंग शामिल है। कुल 25 गांव प्रभावित हैं—21 उत्तराखंड और 4 हिमाचल प्रदेश में।

वर्तमान स्थिति

दोनों पैकेजों के अंतर्गत सभी प्रमुख पुल, अंडरपास और संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सीमित हिस्सों में आरई वॉल (Reinforced Earth Wall) और अंतिम चरण का पेवमेंट कार्य प्रगति पर है, जिसे फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। सड़क सुरक्षा ऑडिट के बाद 31.50 किलोमीटर पूर्ण खंड पर वाणिज्यिक यातायात प्रारंभ कर दिया गया है।

प्रमुख इंजीनियरिंग एवं सड़क सुरक्षा विशेषताएं

  • 1,175 मीटर लंबा चार-लेन यमुना नदी पुल
  • 105 मीटर लंबा चार-लेन आसन नदी पुल
  • ऊंचे तटबंधों पर थ्री-बीम क्रैश बैरियर
  • एंटी-ग्लेयर स्क्रीन और उन्नत प्रकाश व्यवस्था
  • 24×7 PTZ कैमरों से निगरानी
  • आधुनिक साइनएज व रोड मार्किंग
  • टेंसर तकनीक से बिटुमिन खपत में कमी
  • ढलान सुरक्षा और व्यापक पौधारोपण से हरित कॉरिडोर

जनसामान्य को लाभ

परियोजना पूर्ण होने पर पांवटा साहिब से देहरादून का यात्रा समय लगभग 2 घंटे से घटकर करीब 35 मिनट रह जाएगा। देहरादून शहर को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलेगी, दिल्ली–देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर से बेहतर संपर्क बनेगा, तथा पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। दीर्घकाल में यह कॉरिडोर प्रस्तावित देहरादून–मसूरी कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा।

एनएचएआई सुरक्षित, स्थायी और भविष्य-उन्मुख राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पांवटा साहिब–बल्‍लूपुर चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने और आमजन को सुगम व सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।