चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद चम्पावत स्थित पावन माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उन्होंने क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल” के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट वितरित की। इस किट में वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोक-संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।
मुख्यमंत्री धामी ने माता रणकोची मंदिर परिसर से जनपद चम्पावत के लिए ₹170.15 करोड़ की लागत की कुल 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹33.95 करोड़ की लागत की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की गई।
मुख्यमंत्री ने चम्पावत के विकास को गति देने हेतु 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं। इनमें सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण, पूर्णागिरि मेला 2026 के सफल संचालन हेतु ₹2.5 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराना, विधानसभा चम्पावत के मंचकारी मोटर मार्ग एवं रमैला–गागरी–दमतोला मोटर मार्ग का डामरीकरण, जिला चिकित्सालय चम्पावत की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित मरीज सुविधाओं का विस्तार, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएनएम उपकेंद्र) की स्थापना तथा चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा शामिल है।
जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है, जहाँ आस्था केवल पूजा तक सीमित नहीं बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति में निहित होती है और माता रणकोची मंदिर का विकास केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है। न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से चम्पावत में बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का समाधान हुआ है और पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि आस्था, संस्कृति, संवाद और विकास के समन्वित प्रयासों से जनपद चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। उन्होंने नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनभागीदारी के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

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