February 9, 2026

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सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने की राज्य स्तरीय आवास एवं शहरी विकास योजनाओं की सघन समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में आवास एवं शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से लागू करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में सचिव–आवास, राज्य संपत्ति तथा आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण के आयुक्त एवं मुख्य प्रशासक डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (UHUDA) से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सचिव आवास के कॉन्फ्रेंस कक्ष में आयोजित की गई।

बैठक के प्रारंभ में कार्यक्रम प्रबंधक, UHUDA द्वारा प्राधिकरण की स्थापना, संगठनात्मक संरचना, विधिक प्रावधानों के अंतर्गत परिभाषित कार्यों, विशेष नीतियों, नियम-विनियम एवं संशोधनों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें UHUDA तथा जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के गठन, वर्ष 1973 के अधिनियम के अंतर्गत कार्यों एवं प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास कार्यों की जानकारी साझा की गई।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सचिव आवास ने योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों, स्वीकृति एवं आवंटन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंदों को समय पर आवास उपलब्ध कराया जा सके।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य के लिए एक नई आवास नीति तैयार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जारी उत्तराखण्ड आवास नीति की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है, इसलिए नई नीति में शहरीकरण की वर्तमान चुनौतियों, किफायती आवास, पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों एवं सतत विकास को विशेष रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 की समीक्षा के दौरान देहरादून–मसूरी विकास प्राधिकरण (MDDA) की परियोजनाओं में लॉटिंग एवं आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही हरिद्वार–रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) द्वारा लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में एनपीएमसी के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 से संबंधित सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा (सितम्बर 2026) तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सचिव आवास ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर आवंटन सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने हेतु औपचारिक पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।

कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी के लिए तैयार ड्राफ्ट आरएफपी (RFP) पर भी बैठक में विशेष चर्चा की गई। सचिव आवास ने इसे राज्य के प्रमुख नगरों, तीर्थस्थलों, विशेषकर चारधाम क्षेत्रों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और पर्वतीय क्षेत्रों में इस अध्ययन को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन के अनुरूप आगे बढ़ सकें।

सचिव आवास ने आगामी बैठकों के लिए रोडमैप तय करते हुए निर्देश दिए कि अगली बैठक में पीएमयू टीम का परिचय, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 एवं 2.0 की प्रगति, शासन को प्रस्तुत विभिन्न ड्राफ्ट नीतियों एवं ड्राफ्ट आरएफपी की विस्तृत समीक्षा की जाए। इसके साथ ही UHUDA से संबंधित सभी नियम, विनियम, उपविधियां एवं नीतियों की एक-एक प्रति संदर्भ हेतु उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक UHUDA, ग्रामीण मंत्रालय UHUDA, पीएमयू टीम, विशेष सचिव आवास एवं शहरी विकास, निदेशक/उप सचिव आवास श्री रजनीश जैन, अपर सचिव श्री राहुल सुन्द्रीयाल, संयुक्त मुख्य प्रशासक श्री दिनेश प्रताप सिंह, कार्यक्रम प्रबंधक श्री कैलाश चन्द्र पांडेय, हाउसिंग विशेषज्ञ श्री रोहित रंजन, संस्थागत सुधार विशेषज्ञ सुश्री कामना करण एवं आईटी व एमआईएस विशेषज्ञ श्री सचिन नौटियाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सचिव–आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य में आवास एवं शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और जनहितैषी तरीके से लागू किया जाए। UHUDA के माध्यम से आवासीय योजनाओं, अवस्थापना विकास कार्यों और नीतिगत सुधारों को नई दिशा दी जा रही है। नई आवास नीति के निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों की नियमित समीक्षा तथा पर्वतीय एवं संवेदनशील क्षेत्रों में कैरिंग कैपेसिटी असेसमेंट स्टडी के माध्यम से राज्य में सतत और संतुलित विकास को मजबूती दी जाएगी।