February 13, 2026

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“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से मजबूत हुआ जनविश्वास, लाखों नागरिकों को मिला सीधा लाभ

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान निरंतर जनसेवा और सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। यह अभियान राज्य सरकार की पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।

प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 622 कैंपों का सफल आयोजन किया जा चुका है। 12 फरवरी 2026 को प्रदेश में 8 कैंप आयोजित किए गए, जिनमें 3,939 नागरिकों ने प्रतिभाग किया। अभियान की शुरुआत से अब तक कुल 4,84,023 से अधिक नागरिक इन कैंपों में शामिल होकर अपनी समस्याएं, सुझाव और आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं।

शिकायतों का त्वरित निस्तारण – सरकार की प्राथमिकता

अभियान के अंतर्गत प्राप्त जनशिकायतों पर तेजी से कार्यवाही की जा रही है। अब तक कुल 47,759 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 32,176 शिकायतों का प्रभावी निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार केवल शिकायतें सुन ही नहीं रही, बल्कि समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित कर रही है।

प्रमाण पत्र वितरण एवं सेवाओं में तेजी

कैंपों के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए 68,101 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आय, जाति, निवास सहित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों का निर्गमन शिविरों में ही सरल और सुगम बनाया गया है, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

योजनाओं का सीधा लाभ – अंतिम व्यक्ति तक पहुंच

राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से अब तक 2,89,055 से अधिक नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है। यह सरकार की प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण माना जा रहा है।

सुशासन का सशक्त मॉडल

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान मुख्यमंत्री की उस कार्यशैली को दर्शाता है, जिसमें सरकार जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करती है। यह पहल उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा स्थापित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक सेवाओं को सरल, सुगम और जनहितकारी बनाते हुए “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा को पूरी तरह साकार करना है।