October 20, 2026

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देहरादून में 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार, भारत का तीसरा सबसे ऊंचा होने का दावा; आज होगा दहन

देहरादून के परेड ग्राउंड में आकर्षण का केंद्र बना विशाल रावण, 31 लाख रुपये की लागत से 45 दिनों में हुआ तैयार; सीएम पुष्कर सिंह धामी भी होंगे शामिल

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में दशहरा महोत्सव को लेकर भव्य तैयारियां की गई हैं। यहां 181 फीट ऊंचा रावण का विशाल पुतला तैयार किया गया है, जिसे भारत का तीसरा सबसे ऊंचा रावण का पुतला बताया जा रहा है। इसके साथ ही 70-70 फीट ऊंचे कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी बनाए गए हैं। विशालकाय पुतले दशहरा महोत्सव के प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।

यह आयोजन बन्नू बिरादरी के 79वें दशहरा महोत्सव के तहत किया जा रहा है। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 की शाम को रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भी शामिल होने का कार्यक्रम है।

आधुनिक तकनीक से तैयार हुआ 181 फीट का रावण

इस बार रावण के पुतले को आधुनिक तकनीक और विशेष सामग्री की मदद से तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाले कागज और बांस का उपयोग नहीं किया गया है। पुतले को लगभग 6.5 टन लोहे, फाइबर ग्लास और हजारों मीटर कपड़े की मदद से बनाया गया है।

पुतले को वाटरप्रूफ तकनीक से तैयार किया गया है, ताकि बारिश और तेज हवा जैसी परिस्थितियों में भी इसकी संरचना को सुरक्षित रखा जा सके।

31 लाख रुपये की लागत, 45 दिनों में निर्माण

इस विशालकाय रावण के पुतले का निर्माण हरियाणा के वर्ल्ड रिकॉर्डधारी कारीगर तेजिंदर सिंह चौहान और उनकी टीम ने किया है। टीम ने करीब 45 दिनों की मेहनत के बाद इस पुतले को तैयार किया। इसके निर्माण पर लगभग 31 लाख रुपये की लागत आई है।

शाम को होगा रावण दहन, दशहरा महोत्सव में उमड़ेगी भीड़

बन्नू बिरादरी के 79वें दशहरा महोत्सव को लेकर परेड ग्राउंड में विशेष तैयारियां की गई हैं। 181 फीट ऊंचे रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। देहरादून में आयोजित होने वाला यह भव्य कार्यक्रम हर साल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार विशालकाय रावण का पुतला और उसके निर्माण में इस्तेमाल की गई आधुनिक तकनीक महोत्सव को खास बना रही है।