उत्तराखंड में इस वर्ष मानसून का आगमन अभी तक नहीं हुआ है, और प्री-मानसून की वर्षा भी नहीं होने से क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। देहरादून में, मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में पहली बार पारा 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। मई महीने से लेकर अब तक, कुछ ही दिनों को छोड़कर, स्थानीय निवासियों को लगातार चुभती हुई गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा है।
मौसम के इस प्रकार के परिवर्तन से स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, क्योंकि अत्यधिक गर्मी से संबंधित समस्याएं, जैसे कि हीट स्ट्रोक, पानी की कमी, और स्वास्थ्य संक्रमण में वृद्धि हुई है।
पर्यावरणविद्, मौसम-विज्ञानियों, और स्थानीय प्रतिनिधियों का मानना है कि मानसून के देर से आने का मुख्य कारण पर्यावरण में होते परिवर्तन हैं, और इसके प्रति सतत् समाधानों की मांग की है।

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