विश्व के सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर की छतरी का जीर्णाेद्धार और कलश स्थापना का काम बर्फबारी के बीच विधि- विधान से हो गया। तुंगनाथ मंदिर की नयी छतरी का निर्माण देवदार की लकड़ी से किया गया है। इसे पहले की ही तरह नक्काशीदार बनाया गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि प्रदेश के मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर में कोठा भवन का जीर्णाेद्धार का काम गतिमान है और गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर मंदिर की छतरी का जीर्णाेद्धार कार्य भी प्रस्तावित है।

More Stories
मुख्यमंत्री ने किया ‘बाला गौरिया’ के टीजर और पोस्टर का लोकार्पण; अक्टूबर के पहले सप्ताह में रिलीज की संभावना
4 जुलाई से शुरू होगा 15 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान
धामी सरकार का बड़ा कदम: उत्तराखंड के फिल्मी सपनों को मिला सहारा, FTII पासआउट युवाओं को मिली छात्रवृत्ति