गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गंगा नदी में श्रद्धालु बड़ी संख्या में घाटों पर जुटे हैं ताकि वे पवित्र डुबकी लगा सकें। बहुत से श्रद्धालु सुबह से ही घाटों पर आना शुरू कर देते हैं और अपनी आस्था की डुबकी लगाते हैं। यह परंपरा गंगा नदी के तटों पर विशेष रूप से हरिद्वार, रिषिकेश, वाराणसी, प्रयाग और उज्जैन में देखी जा सकती है। यह धार्मिक आयोजन श्रद्धालु के लिए महत्वपूर्ण होता है और उन्हें अपने आध्यात्मिक अनुभव को और भी गहरा बनाने का अवसर प्रदान करता है

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