सरकार ने प्रदेश में अनुपयोगी घाटियां व जमीनों को चिहिन्त कर उनमें मंडुआ, झंगोरा और चौलाई के बड़े स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा देने के अधिकारियों को निर्देश दिए। आज देहरादून में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस कार्य योजना को चरणबद्ध तरीके से करने के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को इसमें प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि एवं उद्यान विभाग के साथ ही सहकारिता विभाग को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस दिशा में मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड स्टेट कॉपरेटिव फेडरेशन व हाउस ऑफ हिमालया के मध्य एमओयू करने को कहा। उन्होंने झंगोरा और चौलाई के न्यूनतम समर्थन मूल्य के सम्बन्ध में प्रस्ताव बनाने के अधिकारियों को भी निर्देश दिए।

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