उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ऐतिहासिक रणनीति के तेहत समान नागरिक संहिता बिल (UCC Bill) को विधानसभा में पास कराया। यह बिल धर्मांतरण, विवाह, विरासत और अन्य मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का प्रस्ताव है। इसके पास होने से उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता लागू हुई।
धामी की रणनीति का मुख्य तत्व था कि उन्होंने विपक्ष को इस बिल के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी। वे इस बिल को बुधवार को भोजनावकाश के बाद अचानक सदन में पेश कर दिया। इससे विपक्ष को इसका विरोध करने का मौका नहीं मिला। विपक्षी दलों ने इस बिल को बिना चर्चा के पास करने का विरोध किया, लेकिन उनकी आवाज बहुमत में रहने वाली सरकार के सामने दब गई। विपक्ष ने इस बिल को राज्यपाल को भेजने से रोकने के लिए भी प्रयास किया, लेकिन वह भी असफल रहा।
धामी की रणनीति का दूसरा तत्व था कि उन्होंने इस बिल को जनता की मांग के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि यह बिल उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं का सम्मान करता है और उन्हें एक समान अधिकार देता है। उन्होंने इस बिल को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बताया। उन्होंने इस बिल को पास करने के लिए अपने साथी विधायकों का भी धन्यवाद किया।

More Stories
उत्तराखंड में पर्वतारोहण को नई उड़ान 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहियों के लिए खुलीं
मुख्यमंत्री धामी ने फिल्म “जलमभूमि” के पोस्टर का किया विमोचन, फिल्म टीम को दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी