देहरादून।
प्रदेश के पीआरडी जवानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन कर रहे जवानों ने कहा कि वर्ष 1948 से स्थापित स्थायी विभाग होने के बावजूद पीआरडी जवान आज भी नियमितीकरण से वंचित हैं, जो उनके साथ अन्याय है।

प्रदर्शन के दौरान जवानों ने उत्तराखंड सरकार से मांग की कि पीआरडी जवानों को वर्ष में 365 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें। उन्होंने कहा कि सीमित कार्यदिवसों के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।
जवानों ने सरकार से “वर्दी का सम्मान” करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि विभिन्न विभागों में जिम्मेदारी के साथ सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान जवानों ने “चाहे जो मजबूरी हो, हमारी मांगे पूरी करो” जैसे नारों के साथ सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। पीआरडी जवानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पीआरडी जवान मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज उठाई।

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