उत्तराखण्ड को फिल्म डेस्टिनेशन बनाने और यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य को पूरे विश्व तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राज्य मंत्रिमणडल ने प्रदेश में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी फिल्में बनाने वाले फिल्म निर्माताओं के लिए सब्सिडी आठ गुना बढ़ा दी है। साथ ही आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी एक भाषा में राज्य में फिल्म की शूटिंग करने वालों के लिए सब्सिडी डेढ़ करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपए कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल बैठक में यह निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने प्रदेश में बस, टैक्सी और मैक्स जैसे व्यावसायिक वाहनों का टैक्स 10 फीसदी बढाने का निर्णय भी लिया। पूर्व में वाहनों के टैक्स में हर साल पांच फीसदी बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया था, लेकिन कोरोना की कारण वर्ष 2020 से ये बढ़ोतरी नहीं हो पाई थी। वहीं, समान नागरिक संहिता को लेकर कैबिनेट में कोई चर्चा नहीं हुई। इसका प्रस्ताव छह फरवरी को होने वली मंत्रिमण्डल बैठक में आने की संभावना है।

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