October 18, 2026

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पर्यटन, ऊर्जा, कृषि और स्वरोजगार में अपार संभावनाएं, स्थानीय प्रतिभा से विकास को मिल रही नई गति

विकसित उत्तराखंड की राह में युवा और उद्यमी निभा रहे अहम भूमिका, 5 साल में स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1700 पार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों, किसानों और नवाचारकर्ताओं से किया संवाद

 

देहरादून। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने की दिशा में युवाओं, उद्यमियों, प्रगतिशील किसानों और नवाचारकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों के अनुभवों, उपलब्धियों और सुझावों को सुना तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ प्रदेशवासियों की मेहनत, प्रतिभा और नवाचार की भावना भी राज्य के विकास को गति दे रही है।

पांच वर्षों में 700 से बढ़कर 1700 पार हुई स्टार्टअप की संख्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड में स्टार्टअप की संख्या लगभग 700 से बढ़कर 1,700 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। युवा कृषि, तकनीक, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में नए प्रयोग कर रहे हैं और अपने लिए रोजगार के अवसर तैयार करने के साथ दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उद्यम शुरू करने और अपने नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर मिलें।

पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के समय पर्यटन और ऊर्जा को विकास के प्रमुख आधारों के रूप में देखा गया था। आज पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं अभी भी व्यापक हैं।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भी पिछले पांच वर्षों के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। प्रदेश में अनेक ऊर्जा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जलविद्युत उत्पादन की उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

एक गाय से शुरू किया डेयरी व्यवसाय, अब 13 गायों का पालन

संवाद कार्यक्रम में चम्पावत के राहुल नरियाल ने मुख्यमंत्री को सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने के अपने प्रयासों की जानकारी दी। उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और वर्तमान में उनके पास पांच बद्री गाय तथा आठ देशी गाय हैं।

पौड़ी जनपद के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों से अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।

ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप चला रहे हैं और उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।

गांव लौटकर पेश की रिवर्स पलायन की मिसाल

चमोली के राजेश ने गांव लौटकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की पहल की जानकारी दी। उन्होंने रोजमेरी और अन्य हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में काम करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही।

नैनीताल की कमला देवी ने बताया कि वह वाहनों के टायरों की मरम्मत का काम कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। वहीं, चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी दी। उनके अनुसार, इस कार्य से 300 से अधिक लोग जुड़े हैं और सामूहिक रूप से लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं।

सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से खेती और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अपने अनुभव साझा किए। पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गीता पंत और सुमन पांथरी, बागवानी के क्षेत्र में कार्य कर रहे महाबल नेगी तथा मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी संचालित करने वाली कल्पना बिष्ट ने भी अपने कार्यों की जानकारी दी।

विदेश में रोजगार से लेकर गांव के विकास तक की पहल

सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े टनकपुर निवासी शैलेश ने बताया कि वह सिंगापुर में सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने चम्पावत में एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग करने की इच्छा जताई।

वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने देहरादून में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत जर्मनी में रोजगार प्राप्त करने वाली टिहरी की सपना राणा ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला।

स्थानीय संसाधनों से रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे नवाचार और स्वरोजगार के प्रयास अन्य लोगों के लिए प्रेरणा हैं। उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा का उपयोग कर आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें।

कार्यक्रम के दौरान देवभूमि डायलॉग के संपादक रमेश भट्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो प्रस्तुतीकरण भी दिया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं सी. रविशंकर, अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।