October 11, 2026

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खटीमा में ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में पहुंचे CM धामी, बच्चों को परोसा भोजन; गर्भवती महिलाओं को बांटी पोषण किट

मुख्यमंत्री ने 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार किट और 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट की वितरित, 9 आंगनबाड़ी और 2 आशा कार्यकत्रियों को किया सम्मानित

खटीमा, 5 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के आंगनबाड़ी केंद्र गोसीकुआ भुड़ाई में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों से आत्मीय संवाद कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर समय बिताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में प्रतिभाग कर गर्भवती महिलाओं को आशीर्वाद दिया। उन्होंने 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट और 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की। इसके साथ ही पांच नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा नौ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और दो आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने समृद्धि और हरियाली के प्रतीक के रूप में पौधरोपण भी किया।

‘आंगन मिलन’ सेवा, स्नेह और संवाद का माध्यम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा, स्नेह और संवाद को प्रत्येक व्यक्ति और हर घर तक पहुंचाना है। प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये बच्चों के स्वस्थ भविष्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास की नींव तैयार करने वाले महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों की देखभाल और पोषण के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके बच्चे भी नगला तराई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़े हैं।

मातृशक्ति और बच्चों का स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महालक्ष्मी किट योजना, पोषण योजनाओं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के माध्यम से माताओं एवं बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत पड़ने पर हेली एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य सेवाएं और पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था जीवन का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान बच्चों को पौष्टिक आहार, उचित देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा और अच्छे संस्कार मिलना जरूरी है। इससे उनके स्वस्थ एवं सशक्त भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

‘कोई बच्चा कुपोषित न रहे’, सरकार का संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे और प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित एवं संस्कारयुक्त वातावरण मिले। बच्चों के पोषण और बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जब सरकार, समाज और परिवार मिलकर माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए प्रयास करते हैं, तभी स्वस्थ एवं सशक्त उत्तराखंड की नींव मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियों से भी इसी सेवा भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यात्रा प्रेरणादायी रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सभी वर्गों के कल्याण और राष्ट्रहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उनका कार्य, समर्पण और सेवा भाव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।