उत्तराखंड में बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2024–25 के दौरान पीड़ित परिवारों को ₹19.5 करोड़ का मुआवजा प्रदान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह जानकारी एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी, जिसमें वन विभाग और जिला अधिकारियों को इस दिशा में और अधिक संवेदनशील व त्वरित कार्य करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित परिवारों की सहायता राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वन अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुआवजा वितरण में देरी न हो और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मानव–वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर भी बल दिया, जिनमें शामिल हैं:
- संवेदनशील क्षेत्रों में सौर बाड़बंदी और चेतावनी प्रणाली
- मानव–वन्यजीव ट्रैकिंग सिस्टम की स्थापना
- स्थानीय समुदायों को प्रशिक्षण और सहायता
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले 10 वर्षों के लिए एक इको-टूरिज़्म और संरक्षण योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को आजीविका के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
सरकार के इस प्रयास से न केवल पीड़ित परिवारों को राहत मिली है, बल्कि वन्यजीवों के साथ सुरक्षित सहअस्तित्व की दिशा में एक ठोस कदम भी उठाया गया है।

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