भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए उपाय और दिशानिर्देश जारी किए हैं। लघु अवधि के उपाय लागू करने के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना की आशंका वाले क्षेत्रों को ठीक करने के लिए पहल की गई है। इन दिशानिर्देशों के तहत प्राधिकरण के परियोजना निदेशकों को दुर्घटना की आशंका वाले क्षेत्रों को ठीक कराने के अधिकार दिये गये हैं। निदेशक तथा संबंधित राज्य पुलिस प्रमुख या जिला सड़क सुरक्षा समिति की सिफारिश के आधार पर ऐसे क्षेत्र को ठीक करने पर दस लाख रूपये तक खर्च कर सकेंगे। दस लाख से 25 लाख रूपये तक के लघु अवधि उपाय करने का अधिकार संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दिया गया है। ये वित्तीय अधिकार प्राधिकरण द्वारा पहले जारी किये गये दिशानिर्देशों के अलावा हैं। पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार परियोजना निदेशक दुर्घटना की आशंका वाले प्रत्येक क्षेत्र पर 25 लाख रूपये तक के लघु अवधि उपायों के जरिये अधिसूचित क्षेत्रों को ठीक कराने की मंजूरी दे सकते हैं।
लघु अवधि उपायों में उन्नत चेतावनी संकेतों के साथ जेबरा क्रॉसिंग, क्रेश वेरियर और रैलिंग, जंक्शन सुधार, सोलर लाइट या ब्लिंकर, सडक साइनेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल हैं।

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